तुला राशिफल 2026: शत्रु हंता योग और करियर में राजयोग !

7. तुला राशि (Libra): शत्रु हंता योग और कर्म क्षेत्र में विस्तार
सारांश:
तुला राशि वालों के लिए शनि छठे भाव में स्थित हैं, जो एक राजयोग कारक स्थिति है।
यह "शत्रु हंता" योग बनाता है—कोई भी विरोधी आपके सामने टिक नहीं पाएगा। गुरु जून
से दशम भाव (कर्म) में उच्च के होंगे, जो कार्यक्षेत्र में आपको एक नई पहचान और अधिकार दिलाएंगे।
कैलेंडर विश्लेषण (मास-दर-मास):
जनवरी-मार्च:
जनवरी में चतुर्थ उच्च मंगल घर में कलह का कारण बन सकता है, लेकिन संपत्ति के लिए अच्छा है।
मार्च का ग्रहण 11वें भाव में आय में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
अप्रैल-जून:
जून में गुरु का दशम भाव में प्रवेश करियर को "रॉकेट" जैसी गति देगा। पिता के साथ संबंध सुधरेंगे।
जुलाई-सितंबर:
छठे शनि वक्री होने पर पुराना रोग या कर्ज खत्म होने के कगार पर आएगा। अगस्त का ग्रहण दशम भाव
में होने से कार्यस्थल पर राजनीति का शिकार होने से बचें।
अक्टूबर-दिसंबर:
महत्वपूर्ण: आपकी राशि स्वामी शुक्र वक्री होंगे (आपकी
ही राशि में या 12वें भाव के आसपास)। यह समय आत्म-मूल्यांकन और सौंदर्य प्रसाधन पर खर्च करने का है।
विस्तृत फलादेश:
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करियर एवं व्यवसाय: यह वर्ष करियर के
निर्माण का है। उच्च का गुरु "कुलदीपक" योग बनाता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
सरकारी नौकरी या टेंडर प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ समय है।
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धन एवं वित्त: छठे शनि के कारण आप
पुराने कर्ज चुकाने में सफल होंगे। आय स्थिर रहेगी, लेकिन व्यय भी नियंत्रण में रहेगा।
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स्वास्थ्य: स्वास्थ्य कुल मिलाकर अच्छा
रहेगा। केवल पेट और पाचन का ध्यान रखें।
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प्रेम एवं संबंध: राहु का पंचम में होना
(वर्ष के पूर्वार्ध में) प्रेम में आकर्षण तो देगा लेकिन स्थिरता नहीं। जून के बाद गुरु की दृष्टि
परिवार (द्वितीय) और घर (चतुर्थ) पर पड़ने से सुख-शांति बढ़ेगी।
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