विचित्रा यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !
विचित्रा यक्षिणी:मंत्र
पूर्ण तांत्रिक मंत्र: संबंधित मंत्र (रुद्रयामल तंत्र पर आधारित)
“ॐ विचित्रे चित्ररूपिणि मे सिद्धिं कुरु कुरु स्वाहा”
तंत्र शास्त्र में वर्णित ये मंत्र 'वीर्यवान' (अत्यंत शक्तिशाली) और 'उग्र' हैं। कुलार्णव तंत्र स्पष्ट निर्देश देता है कि बिना गुरु दीक्षा और उचित संस्कार के इन मंत्रों का जप अनिष्टकारी हो सकता है। यह शोध केवल ज्ञानवर्धन और शास्त्रीय संरक्षण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। क्रियात्मक प्रयोग हेतु सुयोग्य तंत्राचार्य का मार्गदर्शन अनिवार्य है।
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