मेष राशिफल 2026: साढ़े साती, गुरु गोचर और उपाय !

1. मेष राशि : साढ़े साती का दबाव और चतुर्थ गुरु का सुख
सारांश:
कैलेंडर विश्लेषण (मास-दर-मास):
जनवरी में उच्च का मंगल आपके दशम भाव (कर्म) में होगा , जो करियर में जबरदस्त उछाल देगा। आप अपने विरोधियों को पछाड़ने में सक्षम होंगे। हालांकि, फरवरी का सूर्य ग्रहण (11वें भाव में) आय के स्रोतों में कुछ भ्रम पैदा कर सकता है। मार्च में खर्चों पर नियंत्रण रखना अनिवार्य होगा।
अप्रैल में सूर्य का उच्च होना आत्मविश्वास लौटाएगा। 2 जून को गुरु का कर्क राशि में प्रवेश आपके जीवन का 'टर्निंग पॉइंट' होगा। यह सुख भाव को सक्रिय करेगा। यदि आप घर या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह सर्वश्रेष्ठ समय है।
शनि के वक्री होने से (जुलाई अंत) पुराने कानूनी मामले या विदेश से जुड़े मुद्दे दोबारा सिर उठा सकते हैं। अगस्त का सूर्य ग्रहण (कर्क राशि, 4वें भाव में) माता के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने का संकेत दे रहा है।
वर्ष के अंत में शुक्र का वक्री होना जीवनसाथी के साथ संवादहीनता ला सकता है। दिसंबर में राहु का दशम भाव (मकर) में आना करियर में अचानक बदलाव या बड़े दायित्व का सूचक है।
विस्तृत फलादेश:
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करियर एवं व्यवसाय: साढ़े साती के कारण कार्यस्थल पर गुप्त शत्रु सक्रिय रह सकते हैं, लेकिन उच्च का मंगल (जनवरी) और बाद में गुरु की दृष्टि (जून से) आपको सुरक्षा प्रदान करेगी। रियल एस्टेट , शिक्षा और कृषि से जुड़े जातकों के लिए यह वर्ष स्वर्णिम है।
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धन एवं वित्त: 12 वें शनि के कारण चिकित्सा और यात्राओं पर धन का प्रवाह बना रहेगा। संचय करना कठिन होगा। हालांकि, गुरु के उच्च होने से अचल संपत्ति के माध्यम से धन की सुरक्षा संभव है।
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प्रेम एवं संबंध: केतु का पंचम भाव में होना प्रेम संबंधों में विरक्ति या गलतफहमी ला सकता है। विवाहित जातकों के लिए जून के बाद का समय मधुर रहेगा।
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स्वास्थ्य: सिरदर्द, आंखों में समस्या और नींद की कमी साढ़े साती के लक्षण हैं। ध्यान और नियमित निद्रा चक्र का पालन करें।
ज्योतिषीय उपाय:
- प्रत्येक शनिवार को 'शनि स्तोत्र' का पाठ करें।
- गुरुवार को गाय को भीगी हुई चने की दाल खिलाएं।