मीन राशिफल 2026: साढ़े साती और ईश्वरीय सुरक्षा कवच !

12. मीन राशि: साढ़े साती का आरंभ और पंचम उच्च गुरु
सारांश:
मीन राशि के लिए यह वर्ष एक अद्भुत विरोधाभास है। आप शनि की साढ़े साती
के प्रथम/मध्य चरण (शनि लग्न में) के प्रभाव में हैं, जो मानसिक दबाव और आलस्य देता है।
लेकिन, 2 जून से राशि स्वामी गुरु पंचम भाव (त्रिकोण) में उच्च के होकर लग्न को देखेंगे। यह
"ईश्वरीय सुरक्षा कवच" है। गुरु की दृष्टि शनि के नकारात्मक प्रभावों को 80% तक कम कर देगी।
कैलेंडर विश्लेषण (मास-दर-मास):
जनवरी-मार्च:
जनवरी में 11वें उच्च मंगल आय में वृद्धि करेंगे। मार्च का ग्रहण 12वें भाव में—नेत्र कष्ट संभव।
अप्रैल-जून:
जून में गुरु का पंचम भाव में प्रवेश। यह छात्रों, कलाकारों और संतान चाहने वालों के लिए स्वर्णिम
काल है। गुरु की दृष्टि लग्न पर होने से साढ़े साती का मानसिक तनाव गायब हो जाएगा।
जुलाई-सितंबर:
लग्न में शनि वक्री—आत्मविश्वास डगमगा सकता है, लेकिन गुरु संभाल लेंगे। अगस्त का ग्रहण पंचम भाव में—शिक्षा में कुछ बाधाएं आ सकती हैं।
अक्टूबर-दिसंबर:
अष्टम शुक्र वक्री—गुप्त संबंधों से बचें। दिसंबर में राहु का 11वें भाव में आना शेयर बाजार से जबरदस्त लाभ दे सकता है।
विस्तृत फलादेश:
✦
करियर एवं व्यवसाय: लग्न
का शनि आपको अनुशासित बनाएगा। धीमी गति से ही सही, लेकिन आप ठोस प्रगति करेंगे। गुरु
की नवम दृष्टि भाग्य भाव पर होने से भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।
✦
धन एवं वित्त: पंचम उच्च गुरु सट्टे,
शेयर बाजार और रचनात्मक कार्यों से धन दिलाएंगे। आय अच्छी रहेगी।
✦
शिक्षा: यह वर्ष विद्या अर्जन के
लिए सर्वोत्तम है। पीएचडी या शोध कर रहे छात्रों को बड़ी सफलता मिलेगी।
✦
प्रेम एवं संबंध: प्रेम संबंधों के
लिए जून के बाद का समय अत्यंत रोमान्टिक है। सिंगल जातकों को "सोलमेट" मिल सकता है।
#मीन#राशिफल#साढ़ेसाती#गुरु#सुरक्षा#धन#करियर#शिक्षा#प्रेम#ज्योतिष