कुंभ राशिफल 2026: शनि की साढ़े साती और शत्रु नाश !

11. कुंभ राशि (Aquarius): साढ़े साती का चरम और छठा उच्च गुरु
सारांश:
कुंभ राशि के जातक शनि की साढ़े साती के दूसरे (अंतिम) चरण में हैं, जहां
शनि धन भाव (द्वितीय) में बैठकर आर्थिक कसावट और वाणी की परीक्षा ले रहे हैं।
गुरु जून से छठे भाव (उच्च) में जाएंगे। छठा उच्च गुरु शत्रुओं का नाश करता है
और नौकरी में सफलता देता है, लेकिन कर्ज और मोटापे की समस्या बढ़ा सकता है।
कैलेंडर विश्लेषण (मास-दर-मास):
जनवरी-मार्च:
जनवरी में 12वें उच्च मंगल खर्चों की अधिकता देगा। 17 फरवरी का सूर्य ग्रहण आपकी
ही राशि में है—यह समय मानसिक रूप से तनावपूर्ण हो सकता है, धैर्य रखें।
अप्रैल-जून:
जून में गुरु छठे भाव में जाएंगे। यदि आप किसी कानूनी विवाद में फंसे हैं, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।
जुलाई-सितंबर:
द्वितीय शनि वक्री होने पर संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार में वाणी दोष के कारण विवाद संभव।
अक्टूबर-दिसंबर:
भाग्य स्थान में शुक्र वक्री—धार्मिक यात्राओं में बाधा। दिसंबर में राहु का 12वें भाव में आना विदेश जाने वालों के लिए अच्छा है।
विस्तृत फलादेश:
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करियर एवं व्यवसाय: नौकरीपेशा
लोगों के लिए समय अच्छा है (छठा गुरु)। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी।
व्यापारियों को निवेश में बहुत सतर्क रहना होगा।
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धन एवं वित्त: साढ़े साती
का प्रभाव धन भाव पर है, इसलिए धन संचय में कठिनाई होगी। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं।
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स्वास्थ्य: खान-पान पर नियंत्रण
रखें। पेट और लीवर की समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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